तो 29 जुलाई गुरु पूर्णिमा एक ऐसा दिन सचमुच में जीवन में अंधकार दूर होके सोने सी चमक हमारे जीवन में आ सकती है और वह आ सकती है सिर्फ और सिर्फ बृहस्पति ग्रह यानी कि जुपिटर आपके गुरु ग्रह की कृपा से और गुरु ग्रह यानी कि जुपिटर देवताओं के गुरु और हमारे जीवन में कहते हैं कि थोड़ा सा भी एक अमृत का छींटा भी पड़ जाए ना उस गुरु कृपा का तो हमारा जीवन तर जाएगा
और 29 जुलाई का दिन सचमुच में आपके लिए सचमुच में प्रभावशाली हो सकता है। अपनी श्रद्धा, अपनी ईमानदारी, पूरे भक्ति भाव से इस दिन कुछ उपाय कर लो। आपके जीवन की अनेकों परेशानियां दूर हो सकती हैं। अब आप समझो सबसे पहले गुरु की कृपा हमारे जीवन में क्यों जरूरी है?
बिना गुरु के कहते हैं हमारी गति नहीं हो सकती। बिना गुरु के हमें राक्ष रास्ते ही नहीं पता लगेंगे। बिना गुरु के हम क्या करें? क्या नहीं? तो इससे बढ़िया इस मनुष्य जीव जन हमारी जो बॉडी मिली है, हमको शरीर मिला है, वह किसी काम का नहीं। इससे बढ़िया तो हम कीड़े मकोड़े ही होते हैं पैदा। तो वही ठीक था। तो इसीलिए बिना गुरु के कुछ नहीं जीवन में है। इंसान की गति नहीं है।
गुरु कैसे व्यक्ति को सही मार्ग पर लेकर आता है। सही रास्ता दिखाता है। उसके जीवन को एक कहते हैं कि उस गंदगी से निकाल के एक ऐसे तरह जीवन बना देता है कि कमल की तरह उसका जीवन लहलहा उठता है। अब व्यक्ति समझे सबसे पहले बृहस्पति ग्रह की ताकत क्या है?
जुपिटर ग्रह की ताकत क्या है? और जुपिटर ग्रह आपको क्यों अच्छे रखने हैं? वही आपके जीवन में एक एक गुरु का आशीर्वाद दिला सकते हैं। सबसे पहले समझिए बिना गुरु के व्यक्ति का जीवन निरर्थक है। किसी तरह की उसके जीवन में गति नहीं है। उसका जीवन धरती पर जैसा रहा सो रहा। अगला जीवन चक्र भी उसका खराब हो जाता है।
अपने पितरों की वह जो गति होती है उनको जो है मुक्ति दिलाने का मार्ग उसके हाथ से निकल जाता है। जिसके कारण वह तो परेशान रहे। यह भी परेशान रहता है। जब व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति खराब हो तो इससे सीधा लक्षण यह पता लग जाता है कि व्यक्ति की अकेला यह जन्म खराब नहीं है। व्यक्ति पिछले जन्मों से और इसकी पीढ़ियों की अगर हम बात करें तो वह भी दुख भोगती आई हैं। इतना बृहस्पति ग्रह से पता लगता है। यह आपका डीएनए है।
आपके शरीर का एक डीएनए है। उस डीएनए से पूरे खानदान की हिस्ट्री पता लग जाती है कि भाई किस तरह की आपकी जिंदगी आपके खानदान की हालात रही है। अगर हम गुरु कृपा की बात करें तो वह तो श्राप से भी मुक्त करा देता है गुरु। कैसे? देखिए सबसे पहला एक श्राप जो मिला काक भूषंडी को। काक भूषंडी जो कि अजर अमर और कहते हैं कि प्रभु भक्ति में इतने लीन है कि आज भी उपस्थित हैं।
जिन्होंने रामायण और भगवत महाभारत की बात करें। रामायण को भी उन्होंने कई बार देखा और महाभारत को भी कई बार देखा। हम तो कहते हैं कि भाई रामायण तो एक ही है। महाभारत तो एक ही है। पर पता नहीं कितनी बार हो चुकी हैं। ये सब लीलाएं हैं और लीला हमें कुछ सिखाने के लिए आती हैं। कुछ समाज में कुछ स्थापित करने के लिए आती हैं।
और इसी तरह से जब महादेव द्वारा उसको श्राप मिला कि इस तरह से तुम अब नर्क भोगोगे यह कर इस तरह का इनको श्राप मिला। पर गुरु ने उस श्राप को भी वरदान में बदला दिया। काक भूषंडी को मिले श्राप को भी वरदान में बदला दिया तो उनके गुरु ने कहा यह मेरा भक्त है यह मेरा चेला है इससे गलती हो गई अपने गुरु का अपमान हो गया जिसके कारण महादेव क्योंकि महादेव के प्रिय थे उस उन काक भूषण के गुरु उनका अपमान कर दिया था
काक भूषंडी ने उनको नमन नहीं किया उनको जिस तरह से भी तिरस्कार हो गया गुरु का तिरस्कार सबसे बड़ा तिरस्कार माना जाता है जब महादेव ने श्राप दिया इस तरह से उनको को पनिशमेंट दी। तब उनके गुरु जो पुरोहित और उनके गुरु थे काक भूषंडी के काकभंडी को बचाया कि यह तो बच्चा है अभी कोई बात नहीं मेरा शिष्य है इस तरह से आप इसकी सजा को थोड़ा कम कर दीजिए।
तब महादेव ने कहा ठीक है भाई सजा श्राप तो वापस नहीं हो सकता पर इसकी सजा जो है वह कम यह कर देता हूं कि जो जो स्वर्ग मिलना था अब नर्क मिल रहा है पर नर्क में भी जाकर काक भूषंडी किसी तरह की यातनाएं नहीं झेलेगा अगर यह प्रभु भक्ति में लगा रहा तो तो सोचिए हजारों वर्षों तक वह का जो है नर्क में रहने के बावजूद भी वहां स्वर्ग जैसा उन्होंने अनुभूत किया तो इसी प्रकार से सोचिए हमारे जीवन में जो परेशानियां होती है
जब गुरु की कृपा होती है तो वह परेशानियां छू मंतर हो जाती है और गुरु आप ध्याइए नहीं है तो आप अपने कुल देवी देवता जो हैं उनको गुरु मान के चलिए अगर वह भी नहीं पता तो महादेव को गुरु मानिए श्री हरि विष्णु जी को गुरु मानिए कहते हैं नहीं मिल रहे हैं किसी एक देवी देवता को आप जो आपके मन को भाते हैं जो आपके मन को तसल्ली देते हैं उनको गुरु मान के आगे बढ़ जाइए और उनसे जुड़ी हुई जानकारियों को जुटाइए ताकि आपके अंदर वो भक्ति भाव वो जो उनके कहते कि एक कमल जैसे शब्दों का जो वर्णन वेदों पुराणों में मिलता है
जब आपके कानों में जाएगा ना तो अंदर से आप मजबूत हो जाओगे। तो इस दिन आपको करना क्या है? इस दिन जो है विष्णु श्री हरि विष्णु जी का आपको पूजन करना है। घर में मीठा बनाइए। इस दिन व्रत इत्यादि रख सकते हैं। इस दिन आप सत्यनारायण कथा का पाठ कर सकते हैं।
इस दिन आप केले को पूज सकते हैं। पीली चीजों का दान करिए। पीली चीजें आप हो सकता है जितना आप माथे पर केसर इत्यादि लगाइए। आप तिलक लगाइए। आप महा भगवान को पूजिए। शाम के समय इस दिन जो है चंद्र देव का पूजन बहुत जरूरी होता है। क्योंकि यही वह दिन होता है जिस दिन आपको एक साथ ही इतनी शक्तियों का अनुभूत हो जाएगा। जो भी आप पूजन करो सच्ची ईमानदारी श्रद्धा से करिए। आपके जीवन में धन मन टिक नहीं रहा है तो आप इस दिन पूजन करिए।
व्रत करिए क्योंकि व्रत से आपकी आत्मा की शुद्धि तो होगी ही होगी। आपका जीवन भी शुद्ध हो जाएगा। और इस दिन जो है अगर आप कोई रत्न धारण करना चाहते हो बृहस्पति संबंधित तो आप पुखराज धारण कर सकते हो अगर आपकी कुंडली में सजेस्टेड है तो अगर आप इस दिन सोना यानी कि गोल्ड धारण करते हो तो सचमुच में इससे आप बृहस्पति ग्रह को इंप्रूव करते हो इस दिन पहले से खरीद के रख लीजिए कोई भी गोल्ड कान का गले का हाथ का कुछ भी जो आपको खरीदना है यह इन्वेस्टमेंट है
और आपकी एक फ्यूचर इन्वेस्टमेंट होती है यह मत सोचिए कि महंगा है महंगा कुछ नहीं है आज महंगा है कल को और महंगा महंगा है तो सोचिए अगर आप इसको लेते हैं तो अपना ही बृहस्पति अच्छा कर रहे हो किसी और के लिए नहीं खरीद रहे हो तो इन चीजों को खरीदने से पहले जो आप 100 बार सोचते हो वह मत सोचा करो मौका आता है ले लो यह जरूरत की चीज है
कल को नोट बंद हो जाएंगे ना तो यही गोल्ड काम आएगा तो सोचिए कितनी आपको सिक्योरिटी मिल रही है बड़े बुजुर्ग ऐसे नहीं सोना खरीदा करते थे ये चीजें खरीदा करते थे उनको भी कुछ तो समझ होगी ना कि वो क्यों खरीद रहे हैं इसकी वैल्यू क्या है जिसके पास दो चीजें हैं वो कभी गरीब ना होगा। पहला तो है सोना, दूसरा है जमीन। आपके पास अगर है तो आप गरीब नहीं हो, भले आपकी जेब खाली है, आप गरीब नहीं हो। तो इस तरह से सोचिए आपको यहां पर इस दिन जो है कुछ धार्मिक पुस्तकों का दान करना है।
श्रीमद्भगवत गीता का आपको स्मरण जो है सुनिए। इसको जैसे मर्जी सुनिए। चाहे आप टीवी में चला के सुनिए, फोन में सुनिए, जैसे भी आपको सुनना है सुनिए। आप इस दिन धार्मिक पुस्तकों का दान करिए। आपके कोई गुरु महाराज हैं उनसे जाकर मिलिए। उनको भेंट करिए। उनसे उनकी सेवा करिए। चरण दबाकर उनके चरण धोकर उनका पूजन करिए।
आपके कोई टीचर हैं। टीचर आपके टीचर मान लो रिटायर हो गए और आपको मिलते हैं आते-जाते तो एक दिन आप निकाल लीजिए। उनसे जाकर मिल लीजिए। उनको कुछ जो भी आप उपहार दे सकते हैं उनको दीजिए। उनके चरण दबा के आप उनकी सेवा करिए।
उनसे आशीर्वाद लीजिए। कहते हैं कि एक आशीर्वाद आपके जीवन की अनेकों मुश्किलों को दूर कर सकता है। जिस प्रकार से देवताओं पर आई समय-समय की विपदा को दूर करने के लिए उनके सहायक बने थे बृहस्पति देव। तो बृहस्पति देव का तेज इतना था कि जितना जबरदस्त उनका प्रभाव था।
उन्हीं की गाइडलाइन से देवता जो है सृष्टि में एक बैलेंस बना के रखते थे। जब आपका बैलेंस बिगड़ गया ना, तो बृहस्पति महाराज की कृपा से ही वह बैलेंस बनेगा। तो बना लीजिए इस दिन को खाली मत जाने दीजिए। इस दिन के लिए स्पेशल हम आपके लिए जुपिटर यानी कि जो आपके जुपिटर खराब है, पितृदोष है, एजुकेशन का फायदा नहीं मिल रहा, बच्चा नहीं बढ़ रहा, धन नहीं बढ़ रहा उसके लिए हम स्पेशल आपके लिए ताबीज तैयार करते हैं
केले की जड़ की। अगर आप मंगाना चाहते हो तो मंगा सकते हो और इसको यूज़ करिए। देखिए इससे भी आपके बहुत से जीवन के दोष दूर हो जाते हैं क्योंकि इस दिन केले की जड़ को धारण करना भी बहुत पुण्य फलदाई माना गया है। पर केले की जड़ पहले निकाली जाती है।
एक शुभ मुहूर्त में निकाली जाती है। उसको प्राण प्रतिष्ठित एनर्जी किया जाता है। फिर इस दिन उसको धारण किया जाता है। गुरु महाराज का ध्यान करके बृहस्पति जी का ध्यान करके श्री हरि विष्णु मां लक्ष्मी जी का ध्यान करके फिर इसे धारण किया जाता है। आप मंगाना चाहते हैं तो मंगा लीजिए।
यह ताबीज है। गुरु पुश्या नाम से यह ताबीज आपको मिलेगी। अब अगर आपके बृहस्पति कमजोर हैं, बृहस्पति की दिक्कत है, आपको लगता है बृहस्पति का क्या मेरी कुंडली में है, तो आप बृहस्पति रिपोर्ट बनवा लीजिए।
