US Iran War Latest News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर खत्म होने के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की है। जवाब में ईरान की तरफ से भी पलटवार की खबरें सामने आई हैं। इस बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है।
सीजफायर खत्म, अमेरिका ने ईरान पर की बड़ी सैन्य कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में नया मोड़ तब आया जब दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम समझौता टूट गया। अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान की तरफ से होरमुज क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी देशों के हितों की सुरक्षा के लिए की गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अब कोई डील नहीं होगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो समिट के दौरान ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर समझौता अब खत्म हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के उन लोगों और ठिकानों को निशाना बनाया है जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा थे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकना है।
उन्होंने नाटो देशों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बहरीन और कुवैत सहित कुछ क्षेत्रों में जवाबी हमले किए हैं।
होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
होरमुज में जहाजों पर हमले से बढ़ा तनाव
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत होरमुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के बाद हुई। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि होरमुज क्षेत्र से कुछ जहाजों को वापस भेजा गया है। वहीं भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
भारतीय शेयर बाजार पर दिखा असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
मंगलवार को सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह करीब 1677 अंक गिरकर 76,504 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर निवेशकों में चिंता बढ़ती है, जिसका असर शेयर बाजारों पर दिखाई देता है।
सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोने की कीमत में गिरावट आई और यह करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं चांदी की कीमतों में भी कमी दर्ज की गई और यह करीब 2.22 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रही।
ईरानी संसद ने अमेरिका पर लगाए आरोप
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि दबाव बनाने और धमकी देने का दौर अब खत्म हो चुका है। ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
दुनिया की नजर होरमुज जलडमरूमध्य पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पूरी दुनिया की नजर होरमुज जलडमरूमध्य पर बनी हुई है।
अगर यहां स्थिति और खराब होती है तो इसका असर तेल की सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष ऊर्जा बाजारों में बड़ी अस्थिरता पैदा कर सकता है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से आगे और कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं, जबकि ईरान भी जवाबी रणनीति अपना रहा है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ता है या फिर बातचीत का कोई रास्ता निकलता है।
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान संघर्ष एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। सीजफायर टूटने के बाद हुए हवाई हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार, तेल की कीमतों और भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी हर अपडेट पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
