Vande Mataram New Protocol 2026: वंदे मातरम् और जन-गण-मन को लेकर सरकार का नया आदेश

Vande Mataram New Protocol: केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। नए निर्देशों के अनुसार अब किसी भी कार्यक्रम में पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन होगा। केंद्र ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को इस व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर केंद्र का नया आदेश

केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन को लेकर एक नया दिशा-निर्देश जारी किया है। यह निर्देश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को भेजे गए हैं।

सरकार की ओर से जारी नए प्रोटोकॉल के मुताबिक, अब किसी भी ऐसे सरकारी कार्यक्रम में जहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का आयोजन होगा, वहां पहले वंदे मातरम प्रस्तुत किया जाएगा और इसके बाद जन गण मन गाया जाएगा।

केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पहले से मौजूद नियमों के आधार पर तय की गई है और सभी संस्थानों को इसका पालन करना होगा।


Vande Mataram New Protocol



5 महीने में दूसरी बार जारी हुए निर्देश

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से पिछले पांच महीनों में दूसरी बार इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को इस बारे में पत्र भेजा गया था, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। सरकार ने राज्यों से कहा है कि नए प्रोटोकॉल को गंभीरता से लागू किया जाए।

इससे पहले 28 जनवरी 2026 को भी केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।


कार्यक्रमों में कैसे होगा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का क्रम?

नए प्रोटोकॉल के अनुसार किसी कार्यक्रम में दोनों के आयोजन की स्थिति में क्रम इस प्रकार रहेगा:

  • सबसे पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया या बजाया जाएगा।
  • इसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन प्रस्तुत किया जाएगा।
  • जिन राज्यों में राज्य गीत का प्रावधान है, वहां भी तय क्रम का पालन करना होगा।

सरकार ने कहा है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के सम्मान में सभी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।


वंदे मातरम के सभी छह अंतरे होंगे प्रस्तुत

केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों में राष्ट्रगीत को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।

इसके अनुसार:

  • सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे गाए या बजाए जाएंगे।
  • पूरे राष्ट्रगीत की अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड होगी।
  • जरूरत पड़ने पर राष्ट्रगीत की कॉपी प्रिंट करके लोगों को उपलब्ध कराई जा सकती है।
  • राष्ट्रगीत के दौरान सभी लोगों को सम्मान के साथ सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

सरकारी स्कूलों में सुबह की शुरुआत राष्ट्रगीत से होगी

नए नियमों के अनुसार सरकारी स्कूलों में भी राष्ट्रगीत को लेकर बदलाव किया गया है।

सरकार ने निर्देश दिया है कि सरकारी स्कूलों में दिन की शुरुआत होने से पहले होने वाली प्रार्थना सभा में सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया जाएगा।

इसका उद्देश्य छात्रों में देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाना बताया गया है।


किन मौकों पर गाया जाएगा राष्ट्रगीत?

केंद्र सरकार ने उन अवसरों की सूची भी जारी की है, जहां राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया जाएगा।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • राष्ट्रध्वज को परेड में लाने के समय
  • तिरंगा फहराने के अवसर पर
  • राष्ट्रपति के किसी कार्यक्रम में पहुंचने पर
  • राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में
  • राज्यपाल या उपराज्यपाल के कार्यक्रमों में
  • राज्यपाल के भाषण से पहले और बाद में
  • भारत रत्न, पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में
  • सरकारी स्कूलों में कार्य शुरू होने से पहले

राष्ट्रगीत नहीं गाने पर क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल केंद्र सरकार के नए निर्देशों में राष्ट्रगीत नहीं गाने या नियमों का पालन नहीं करने पर किसी दंड का प्रावधान नहीं रखा गया है।

हालांकि सरकार का कहना है कि भविष्य में इसके लिए कानूनी प्रावधान या सजा से जुड़े नियम बनाए जा सकते हैं।


फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में छूट मिलेगी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर राष्ट्रगीत किसी फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या किसी अन्य रचनात्मक प्रस्तुति का हिस्सा है, तो उस स्थिति में खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा।

ऐसा इसलिए क्योंकि फिल्म या डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तुति में बाधा आ सकती है।

हालांकि सामान्य सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सभी लोगों को सम्मान के साथ खड़ा होना होगा।


वंदे मातरम का इतिहास

भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम प्रसिद्ध लेखक और साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था।

इसे 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन लिखा गया था। बाद में यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बना।

वहीं जन गण मन को भारत का राष्ट्रगान का दर्जा प्राप्त है।

राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन दोनों ही देश की राष्ट्रीय पहचान और गौरव से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।


केंद्र के नए आदेश का उद्देश्य क्या है?

केंद्र सरकार का कहना है कि नए प्रोटोकॉल का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

अब सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सरकारी संस्थानों में इन निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नए नियमों के बाद अब सरकारी आयोजनों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम पहले और राष्ट्रगान जन गण मन बाद में प्रस्तुत किया जाएगा।

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