तो बड़ी से बड़ी परेशानियों का अंत करने की शक्ति रखते हैं काल भैरव। कलयुग में साक्षात विद्यमान हैं काल भैरव। आपके जीवन की अगर परेशानियां, नजर, दुश्मन, तंत्र किसी प्रकार से आप दुखी हो, परेशान हो तो आज मैं आपको कुछ ऐसे छोटे-छोटे प्रयोग बताने वाला हूं जो काल भैरव अष्टमी यानी कि 7 जुलाई को आपको करने हैं। आपका काम धंधा बंध गया है। आपको लगता है किसी ने नजर टोक या फिर तंत्र कर दिया है।
घर में किसी व्यक्ति की बीमारी नहीं हट रही है। किसी प्रकार से आप बेमतलब के झूठे आरोपों में किसी द्वारा फंसाए जा चुके हो। आपके ऊपर शरीर अब भारी महसूस होने लगा है। दिमाग आपका खुश नहीं है। अंदर से आपके अंदर जो एक उछाल रहता था, एक उत्सुकता रहती थी, एक प्रफुल्लित आप रहते थे, अब वह नहीं है। आप अंदर से अपने आप में ही जकड़ते जा रहे हो इन नेगेटिविटी के कारण।
चलिए समझते हैं कैसे यह प्रोटेक्शन आपको प्राप्त हो सकती है मात्र छोटे-छोटे प्रयोगों से। तो काल भैरव जो कि साक्षात महादेव के उग्र एक स्वरूप का आपको दर्शन कराते हैं। काल भैरव जिनको कि जो है इस कलयुग में विद्यमान किया गया।
कलयुग की शक्तियों को दूर करने के लिए काल भैरव की पूजा की जाती है। और काल भैरव अलग-अलग स्वरूपों में पूजे जाते हैं। कहीं जो है काल भैरव बटुक भैरव के रूप में पूजे जाते हैं। कहीं अष्टांग भैरव के रूप में पूजे जाते हैं। कहीं पर स्वर्णाकर्षण जो है भैरव के रूप में पूजे जाते हैं। तो अलग-अलग तरह से मान्यताएं हैं। काशी के कोतवाल इनको नियुक्त किया गया है काल भैरव को। यानी कि कोतवाल जैसे होता है ना कि एक एरिया है। उस एरिया का मालिक कौन है? वह हैं जो काल भैरव आपके यहां पर भी कहीं ना कहीं काल भैरव का मंदिर होगा।
काल भैरव का मंदिर जो ज्यादातर बनता है, कुएं के पास बनता है या फिर गांव से शहर से दूर बनता है। क्योंकि यह उस एरिया के संरक्षक कहे जाते हैं। और जब एरिया की संरक्षा यह करते हैं तो यह वहां के रहने वाले वाशिंदे यानी कि वहां के रहने वाले लोगों की भी संरक्षण करते हैं। इसीलिए इनको प्रोटेक्शन के देवता कहा गया है। तो, प्रोटेक्शन आपको कहां से मिलेगी?
यह देखिए, असुरी शक्तियां है ना नेगेटिव। अब आप कहोगे कलयुग में भी असुरी शक्तियां। देखिए सीधी सी एक बात समझ लीजिए। बिना अंधकार के अंधेरे के प्रकाश का कोई अस्तित्व नहीं है। अंधेरा यानी कि नेगेटिव शक्तियां और प्रकाश यानी कि पॉजिटिव देवता वाली शक्तियां। तो बिना अंधकार के यानी कि दोनों एनर्जीज का होना जरूरी है।
जब कोई यह एनर्जी जो नेगेटिव एनर्जी है असुरी शक्तियां हैं यह बढ़ना शुरू हो जाती हैं। तब देवताओं को इन्हें बैलेंस करना पड़ता है। जिसे कहते हैं सृष्टि प्रकृति का जो एक बैलेंस है वो बराबर करना। तभी तो यह युद्ध होता है। तभी तो यह अवतार होते हैं। तभी तो और अवतार होते अब आप यह सोचोगे कि देवी देवता या फिर ऋषि मुनि ये सब कहां गए? यह सब हैं हमारे बीच में। सब हैं और वह अपने समय पर उनका अवतरण और उनका जो प्रभाव है दिखेगा। वह अपना समय आएगा और अभी तो समय कुछ बीता ही नहीं है
क्योंकि कलयुग के इस प्रभाव में जो शक्तियां विराजमान है वह मां काली की है, हनुमान जी की है, परशुराम जी की है। ऐसे आपने सुने होंगे जो चिरंजीवी हैं जिनको कलयुग में खासकर यही शक्तियों को बैलेंस रखने के लिए जो है हमारे प्रभाव हमें आशीर्वाद रूप से प्राप्त हुई हैं।
अब काल भैरव की पूजा बिल्कुल सिंपल होती है। आप इनकी पूजा तामसिक रूप से भी कर सकते हो। इनकी पूजा सात्विक रूप से भी कर सकते हो। काल भैरव की जो मूर्ति है उग्र स्वभाव की वह घर में नहीं रखी जाती है। काल भैरव की अगर पूजा करनी है तो बटुक भैरव यानी कि एक छोटे बच्चे की तरह जो होते हैं बटुक भैरव उनकी पूजा आप घर में कर सकते हैं।
बटुक भैरव आप घर में इनको रखेंगे। इनको आप फोटो रख सकते हो। इनका ध्यान कर सकते हो। महादेव का ध्यान कर सकते हो। तो इनका ध्यान ऑटोमेटिकली हो जाएगा। इनको मीठा चढ़ता है, गुलगुले इत्यादि चढ़ते हैं और उड़द के दाल के बड़े चढ़ते हैं।
दही के बड़े जिसे बोलते हैं वह दही बड़े वो चढ़ते हैं। बहुत चाव से खाते हैं। कहते हैं जिनकी पसंद की चीज आप उनको ऑफर करोगे तो आपको तो कृपा प्राप्त होगी ही होगी। अब इस दिन काल भैरव अष्टमी है। इस दिन सुबह-सुबह आप जो है अपने घर में नॉर्मल जैसे आप पूजन करते हो वैसे पूजन करो। बस काल भैरव जी का ध्यान करो और एक सरसों तेल का दीपक आप घर में सुबह-सुबह लगा दो। सुबह-सुबह लगा दो। एक शाम के समय लगाओ। शाम के समय लगाओगे आप अपने पूजा स्थान के जो जैसे नियम है जैसे पूजते हो वैसे कर लो। नहीं तो आप एक सरसों तेल का दीपक अपने घर के दरवाजे पर आप जो है बाहर की तरफ लॉ करके इसको रख दीजिए।
और इसकी लौ यानी कि जो दीपक होगा उसका मुख होगा दक्षिण दिशा की तरफ। दक्षिण दिशा की तरफ यह मुख करके रख दीजिए। आपके घर की जो भी परेशानियां जो भी कुछ है इस लौ में मां काल भैरव की जी की कृपा से सब भस्म हो जाएंगी। अब इस दिन स्पेशल उपाय और क्या करना होता है? मैं आपको बता देता हूं। कुछ मेरे हाथ में चीजें हैं जो आप अपने घर पे बनाएंगे।
कैसे बनाएंगे? एक काला धागा। और यह मेरे हाथ में काला धागा। मैं आपको इसकी स्पेशलिटी बता देता हूं। तो कैसे बनेगा यह। यह देखिए काला धागा है। यह खुद से बनाया हुआ है और इसमें जितनी गांठे होंगी उतना आप ओम काल भैरवाय नमः ओम काल भैरवाय नमः करते हुए इनमें गांठे लगा लो। आप 11 लगा सकते हो, नौ लगा सकते हो, सात लगा सकते हो। इस तरह से यह धागा आपको काला धागा यह हर तरह से परेशानियों से बचाएगा।
यह काला धागा आपने जो है बना लेना है। बनाकर आप इस काले धागे को हाथ में या पैर में आप इसे बांध सकते हो। आप अपनी उस चीज पर बांध सकते हो जहां पर आपको परेशानी होती है। कई लोग अपनी गाड़ियां वगैरह चलाते हैं, किराए पर देते हैं। उनकी बार-बार एक्सीडेंट होता है, कुछ दिक्कत हो जाती है तो वहां पर भी आप यह धागा बांध सकते हो।
अब इसके साथ-साथ और क्या होता है? इसके साथ-साथ हम क्या करते हैं? स्पेशल जब यह मुहूर्त आता है ना काल भैरव अष्टमी या फिर काल भैरव जयंती जब आई थी तब हम उस समय पर स्पेशल मुहूर्त में इस तरह से ताबीज तैयार कर लेते हैं आपके लिए कॉपर की तावीज है। इसके अंदर काल भैरव माता बगलामुखी के मंत्रों को सिद्ध करके भोज पत्र पर ये अंकित करके इनको तैयार किया जाता है। इस तरह से धागे में डालकर आप इसे गले में बाजू में बांध सकते हो।
अपनी गाड़ी, अपने दुकान, अपने जिस तरह से भी आप जहां भी प्रोटेक्शन चाहते हो वहां पर इसको रख सकते हो या फिर इसको टांग सकते हो। तो आपने समझा किस तरह से काल भैरव अष्टमी आपके जीवन की अनेकों परेशानियां दूर कर सकती है।
अब यह परेशानियां आपको हो सकता है नजर के कारण आ रही हो। कई बार ऐसा होता है कि ग्रह पीड़ा दे रहे होते हैं और जब ग्रह पीड़ा शुरू होती है ना तब ऐसी नेगेटिव शक्तियां ऑटोमेटिकली हमें परेशान करना शुरू कर देती हैं। तो इसके लिए मैं आपको यही सलाह करूंगा अपनी वर्षफल रिपोर्ट जिसे बर्थडे रिपोर्ट कहा जाता है।
जन्मदिन से आपके ग्रह बदल जाते हैं। वह रिपोर्ट बनवा लो। उसमें क्या-क्या उपाय होते हैं यह देखिए। आपको पता है आपके जन्मदिन पर आपके ग्रह बदल जाते हैं। यानी कि अच्छे ग्रह आपके जीवन में अच्छा फल देने के लिए आते हैं और बुरे ग्रह आपके जीवन में वह वर्ष को खराब करके चले जाते हैं। किसी ना किसी प्रकार की परेशानियां, दिक्कतें, दुर्घटना, बीमारी या फिर धन का नुकसान देकर जाते हैं।
अगर हमें पहले ही पता लग जाए कि आपके इस वर्ष में आपके कुछ बुरे ग्रह आ रहे हैं। अगर हम उनका उपाय पहले ही कर लें, तो उस वर्ष की परेशानियों से हमें निजात मिल जाती है। यह वर्ष फल का मतलब होता है आपके जन्मदिन से लेके आपके अगले जन्मदिन तक का एक समय जिस समय में बुरे ग्रहों का उपाय किया जाता है। इसमें कुछ छोटे-छोटे उपाय होते हैं जो कि आपको पूरे वर्ष आराम का जीवन आपके जीवन में उन्नति और तरक्की के रास्ते खोलने में आपकी मदद करते हैं।
