मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। जानिए आपके राज्य का मौसम अपडेट।
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को ताज़ा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग ने अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश राज्यों तक पहुंच चुका है। कुछ सीमावर्ती इलाकों को छोड़कर लगभग पूरा देश मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव में है। आने वाले दिनों में मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में लगातार बारिश जारी रह सकती है।
महाराष्ट्र में बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई रेल सेवाएं बाधित
महाराष्ट्र में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर भूस्खलन के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जबकि कुछ रेल सेवाओं को एहतियातन रद्द भी करना पड़ा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा।
वसई और नालासोपारा क्षेत्र में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन जलमग्न हो गए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और समुद्र तटीय क्षेत्रों, जलभराव वाले इलाकों तथा जर्जर भवनों से दूरी बनाए रखें।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन, कई वाहन मलबे में दबे
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण कई वाहन उसकी चपेट में आ गए।
प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर
गुजरात के ऊना क्षेत्र में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। जलभराव और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में दिक्कतें आईं।
वहीं छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में बाढ़ जैसे हालात के बीच फंसे श्रद्धालुओं को प्रशासन ने सुरक्षित बाहर निकाला। राहत एवं बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
राजस्थान में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना
राजस्थान में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जयपुर, सीकर, जोधपुर और कई अन्य जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।
कई स्थानों पर सड़कें धंसने, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पूर्वानुमान के अनुसार 10 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।
मध्य प्रदेश में नदी उफान पर, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य में लगी मशीनें तेज बहाव में बह गईं।
पांडुरना जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत की भी सूचना है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
पंजाब और हरियाणा में भी बारिश जारी
पंजाब के जालंधर, कपूरथला, गुरदासपुर और चंडीगढ़ सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी।
हरियाणा में भी पूरे सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव होने से खरीफ फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। वहीं सामान्य वर्षा धान, बाजरा और कपास जैसी फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
बिहार में तेज हवा और भारी बारिश का अलर्ट
बिहार में राजधानी पटना सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने 12 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कुछ क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
9 से 11 जुलाई के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा, कई सड़कें बंद
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
यमुनोत्री हाईवे सहित कई मार्गों पर मलबा आने से करीब 30 सड़कें बंद हो गई हैं।
मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड की आशंका
हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, कांगड़ा, शिमला और रामपुर क्षेत्रों में लगातार बारिश जारी है।
कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। एक स्थान पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक युवती की मौत हो गई।
प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है।
अगले दो दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 7 और 8 जुलाई को भी देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा।
जिन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है
- महाराष्ट्र
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- बिहार
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- जम्मू-कश्मीर
- छत्तीसगढ़
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से कुछ सावधानियां बरतने की अपील की है।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा अपडेट पर नजर रखें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह अवश्य लें।
- तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
- आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
निष्कर्ष
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण जहां कुछ क्षेत्रों में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कई शहरों और पहाड़ी इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
